गूगल ने अपने सोशल मीडिया नेटवर्क गूगल+ (गूगल प्लस) को बंद करने का ऐलान किया है. यह फैसला एक बग के चलते करीब पांच लाख यूजर्स के डेटा में सेंध की आशंका के चलते लिया गया है. बताया जा रहा है कि यह बग सिस्टम में दो साल से मौजूद था और बाहरी डेवलपर्स के चलते आया.
गूगल ने कहा है कि इस सोशल नेटवर्किंग साइट को बंद करने से पहले उसने उस बग को ठीक कर लिया था. अमेरिका की दिग्गज इंटरनेट कंपनी ने कहा कि उपभोक्ताओं के लिए ‘गूगल+ ’ का सूर्यास्त हो गया. यह सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक को चुनौती देने में विफल रही थी.
गूगल के एक प्रवक्ता ने ‘गूगल+’ को बंद करने की मुख्य वजह बताते हुए कहा कि गूगल+ को बनाने से लेकर प्रबंधन में काफी चुनौतियां थी जिसे ग्राहकों के आशा के अनुरूप तैयार किया गया था लेकिन इसका कम इस्तेमाल किया जाता था. यही इसके बंद होने की वजह है.
इस ऐलान के बाद गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट के शेयर में 2.6 प्रतिशत की गिरावट नजर आई. गूगल ने एक बयान में कहा, 'हमें इस बात का कोई सबूत नहीं मिला कि किसी डेवलपर को बग के बारे में जानकारी थी या उन्होंने एपीआई का दुरुपयोग किया. किसी प्रोफाइल के डेटा के दुरुपयोग का भी कोई सबूत नहीं है.'
इस मामले में गूगल की लीगल और पॉलिसी स्टाफ टीम ने एक मीमो तैयार किया और इसे कंपनी के सीनियर एक्जीक्यूटिव्स के साथ शेयर किया. इसमें चेतावनी दी गई थी कि मामले के खुलासे से बुरा असर पड़ेगा. फेसबुक लीक से इसकी तुलना होगी और फिर कई सारी जांच शुरू हो सकती है. इस बारे में गूगूल के सीईओ सुंदर पिचाई को भी सूचना दे दी गई.
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